इंडिया फंड
वित्तीय सहायता का उद्देश्य
फंड के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- गैर‑सरकारी संगठनों को समुदाय‑केंद्रित विकास कार्यक्रम क्रियान्वित करने के लिए वित्त उपलब्ध कराना
- समुदायों की क्षमताओं का विकास कर पाना ताकि वह खुद अपने जीवन में सुधार ला सकें
- गैर सरकारी संस्थाओं और उनमें कार्यरत साथियों की क्षमताओं का विकास करना.
इंडिया फंड के लिए किस तरह की संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं
संस्थाओं का भारतीय होना ज़रूरी है. उनका पंजीकरण एक गैर सरकारी संगठन के रूप में होना चाहिए। संस्थाओं का विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में वैध पंजीकरण होना चाहिए. संस्थाएं स्थानीय होनी चाहिये और चयनित भौगोलिक क्षेत्र में कार्यरत होनी चाहिए।
हम उन संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करना चाहेंगे जो
- समुदायों के साथ मिलकर उनके विचारों को प्रोत्साहित कर सकें ;
- समुदायों के साथ मिलकर दीर्घकालिक सुधार ला सकें;
- संविधान द्वारा स्थापित शासकीय विकेन्द्रीकरण की प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित कर सके (ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत तथा शहरी क्षेत्रों में नगरपालिका)
- अपने कार्यक्रमों के पर्यावरणीय प्रभाव के प्रति जागरूक रहें
- लैंगिक समानता को बढ़ावा दे सकें और समाज में लैंगिक परिवर्तन के लिए कार्य कर सकें
- अपनी संस्था में कार्यरत साथियों की क्षमता बढ़ा सकें.
हम क्या फंड करेंगे
कुछ ऐसे समुदाय होते हैं जो ऐतिहासिक कारणों से, पारम्परिक और सामाजिक कारणों से, नैसर्गिक कारणों से या फिर भौगोलिक कारणों से अपने आप को विपदा और संकट में पाते हैं (vulnerable). कुछ ऐसे समुदाय हैं :
- पारम्परिक रूप से शिक्षा से वंचित समुदाय
- स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित समुदाय
- दलित समुदाय, विशेष रूप वह जो जोखिमपूर्ण या हानिकारक कार्यों से जुड़े हुए हैं
- विकलांग लोग, विशेष रूप से बच्चे
- जलवायु में परिवर्तन से पीड़ित समुदाय
- अत्यधिक गरीबी में रहने वाले परिवार
- प्रवासी मज़दूर और उनके परिवार
- आदिवासी समुदाय, जो अपनी भूमि एवं संसाधनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं या जो यह अधिकार खो बैठे हैं
- महिलाएं
यह सूची केवल उदाहरण के लिए हैं – कुछ अन्य लोग भी इस में शामिल हो सकते हैं
हम ऐसे संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं जो ऐसे समुदायों के साथ मिल कर उनकी क्षमताओं का निर्माण करती हों, उनमें नेतृत्व विकास को बढ़ावा देती हैं और गरिमा से जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करती हैं.
प्राथमिकता वाले भौगोलिक क्षेत्र
हम केवल कुछ चयनित क्षेत्रों में ही काम करते हैं। यह क्षेत्र भारत के मध्य भाग में स्थित हैं और देश के सबसे गरीब हिस्सों में गिने जाते हैं. यह विस्तार पश्चिम में गुजरात के पूर्वी भाग से लेकर पूर्व में पश्चिम बंगाल एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र तक फैला हुआ है।
हम निम्नलिखित राज्यों में काम का समर्थन करते हैं:
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- झारखंड
- बिहार
- पश्चिम बंगाल
- तेलंगाना
- पूर्वोत्तर भारत के सभी प्रदेश
इन राज्यों के अलावा, हम महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के कुछ सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी कार्य का समर्थन करते हैं. यह क्षेत्र कुछ विशेष प्रकार की असुरक्षित परिस्थितियों से ग्रस्त हैं. इनमें निम्न क्षेत्र शामिल हैं
- मेवाड़ और हाड़ौती (दक्षिणी और दक्षिण‑पूर्वी राजस्थान)
- बुंदेलखंड (उत्तर मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिले, जो मध्य प्रदेश से सीमाबद्ध हैं)
- डांग (दक्षिण‑पूर्वी गुजरात)
- विदर्भ (उत्तरी महाराष्ट्र)
हम क्या फंड नहीं करेंगे
हम निम्नलिखित का समर्थन नहीं करते हैं:
- गैर‑भारतीय संगठन
- गैर‑भारतीय संगठनों की भारत में पंजीकृत शाखाएँ
- FCRA पंजीकरण न रखने वाले संगठन (कृपया ध्यान रखें कि हम FCRA में पूर्व अनुमति पर कार्य नहीं करते हैं)
- राजनीतिक या धार्मिक संस्थाएं
आप से अनुरोध है की आपका आवेदन चाहे जितना भी कमजोर या अस्पष्ट ही क्यों न बने, आवेदन स्वयं ही लिखें. इस से आप जो बात कहना चाहते हैं वह सही तरीके से हम तक पहुँच सकेगी. आप आवेदन हिंदी या अपनी मातृ भाषा में भी लिख सकते हैं. अंग्रेजी में भेजने के मोह में सलाहकारों या फंडरेज़र का माध्यम न इस्तेमाल करें. आप आवेदन सीधे Paul Hamlyn Foundation की वेबसाइट पर ही भेजें.
आवेदन प्रक्रिया
- हमारे आवेदन पूरे वर्ष खुले रहते हैं. जब आप तैयार हों, आप आवेदन कर सकते हैं.
- हम किसी विशेष कार्य या विषय के लिए आवेदन नहीं मांगते हैं. आप अपने काम से जुड़े किसी भी कार्य के लिए आवेदन कर सकते हैं.
- हम प्रस्तावों के लिए कभी भी विशेष आमंत्रण जारी नहीं करते हैं।
- हम हर वर्ष मार्च एवं अक्टूबर माह में पिछले 6 माह में प्राप्त आवेदनों का आकलन करते हैं।
फंडिंग के लिए आवेदन करना
सूक्ष्म अनुदान – यह उन गैर‑सरकारी संस्थाओं के लिए हैं जो छोटे और मध्यम आकार की हैं. स्थानीय हैं, समुदायों के साथ प्रत्यक्ष कार्य कर रही हैं. फील्ड में ठोस उपस्थिति रहीं है और अभी भी उस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. उनका वार्षिक व्यय रु 1.5 करोड़ रुपये से कम है. ऐसी संस्थाओं के लिए वित्तीय सहायता उनके वार्षिक व्यय के 60 % से ज़्यादा नहीं होगा.
मेसो या मैक्रो अनुदान – मेसो और मैक्रो स्तर पर, हम उन संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं जो तुलनात्मक रूप से बड़े पैमाने पर संचालित हैं तथा व्यापक दृष्टिकोण से परिवर्तनों का विश्लेषण कर सकती हैं
हम इन्हें ऐसी संस्थाओं के रूप में देखते हैं, जो विकास कार्यों में सीखने-सिखाने का काम कर सकती हों, नीति परिवर्तन का समर्थन करती हों, मौजूदा नीतियों के बेहतर कार्यान्वयन के लिए तर्क प्रस्तुत कर सकती हों, और अन्य गैर‑सरकारी संस्थाओं की क्षमताओं का विकास करने में दिलचस्पी रखती हों.
इस श्रेणी में संस्थाओं का कार्य स्थान ज़रूरी नहीं की भौगोलिक प्राथमिकता क्षेत्र की सीमा में ही हो.
साल में लग भाग 2 या 3 ऐसे फण्ड किए जाते हैं. तो यह बहुत ज़रूरी है की आपका आवेदन बहुत स्पष्ट हो और तार्किक हो.
यदि आप मेसो या मैक्रो आवेदन भर रहे हैं तो कृपया प्रोजेक्ट के शीर्षक वाले प्रश्न के साथ मैक्रो अथवा मेसो ज़रूर इंगित करें.
मेसो- या मैक्रो-स्तर पर वित्तीय सहायता हेतु आवेदन करना
मेसो पर /मैक्रो स्तर पर, हम उन संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे जो तुलनात्मक रूप से बड़े पैमाने पर संचालित हैं तथा व्यापक दृष्टिकोण से परिवर्तनों का विश्लेषण कर सकते हैं। इस स्तर पर पहलें, कई छोटे माइक्रो-स्तर की पहलों के अनुभवों को एकत्रित करेंगी तथा उनके अधिगम को संकलित एवं समेकित करती हुईं, ताकि हमें पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार के संभावित कारकों को संबोधित करने में सहायता मिल सके।
हम इन्हें ऐसे सीखने वाले संगठन के रूप में देखते हैं, जो नीति परिवर्तन का समर्थन करते हैं, मौजूदा नीतियों के बेहतर कार्यान्वयन के लिए तर्क प्रस्तुत करते हैं, और अन्य गैर‑सरकारी संगठनों की क्षमताओं का विकास करते हैं।
इस श्रेणी में वित्तीय सहायता प्राप्त संगठनों का स्थान भौगोलिक प्राथमिकता क्षेत्र के सीमा से परे भी हो सकता है।
इस स्तर में कुल वित्तीय सहायता का लगभग 10 से 15 प्रतिशत प्रदान किया जाएगा।
भारत में हमारा काम किस तरह से उभर रहा है
नई रणनीति (2023–33) कुछ विशेष सोच और बदलते हुए वातावरण को ध्यान में रख कर लिखी गई है। भारत में हमारे निर्देशक सचिन सचदेवा इस लेख में हमारी नई रणनीति की विशेषताएं का उल्लेख कर रहे हैं और समझा रहे हैं की इस रणनीति में नया क्या है और कौन सी बातों में कोई अंतर नहीं किया गया।
आवेदनों में सहायता
हम एक ऑनलाइन आवेदन प्रणाली का उपयोग करते हैं।
जब आप हमारे ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में लॉग इन करते हैं, तब आपसे कुछ पात्रता से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारी वित्तीय सहायता आपके कार्य के लिए उपयुक्त है। आप इन प्रश्नों की अग्रिम रूप समीक्षा कर सकते हैं। ये अंग्रेजी और हिंदी दोनों में उपलब्ध हैं।
संपर्क में रहें
संपर्क में रहें – हमें ईमेल करें
यदि आवेदन प्रक्रिया या हमारी वित्तीय सहायता को लेकर आपके मन में कोई प्रश्न हों, तो कृपया हमारे इंडिया फंड टीम से सम्पर्क करें।